डाइट चार्ट
पीलिया और एक्यूट हेपेटाइटिस का डाइट चार्ट
हेपेटाइटिस A या E के पीलिया में लिवर कुछ हफ़्तों में अपने-आप ठीक हो जाता है, और ठीक होने के लिए शरीर को पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन चाहिए। सिर्फ़ उबला, बिना तेल या बिना हल्दी का खाना भ्रम है जो कमज़ोरी लाता है। सबसे ज़रूरी है साफ़ पानी और खाना, शराब नहीं, और डॉक्टर के बिना कोई दवा या हर्बल नुस्ख़ा नहीं।
फ़ूड डायरी में आज का खाना लिखें →
मुख्य लक्ष्य
- पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन के साथ सामान्य, संतुलित घर का खाना
- भूख कम हो या जी मिचलाए तो छोटे-छोटे, बार-बार खाने
- भरपूर साफ़, उबला या फ़िल्टर किया पानी
- शराब नहीं, और डॉक्टर के बिना कोई हर्बल नुस्ख़ा या दवा नहीं
एक दिन का नमूना
हर खाने के लिए एक विकल्प चुनें। मात्राएँ एक औसत बड़े व्यक्ति के लिए हैं; अपनी भूख और वज़न के हिसाब से घटाएँ-बढ़ाएँ।
शाकाहारीअंडामांसाहारीवेस्टर्न
- पानी या नारियल पानी; मन हो तो चाय
- जी मिचलाए तो एक केला या कुछ बिस्कुट
- दही के साथ पोहा, उपमा, इडली या दलिया
- टोस्ट या रोटी के साथ एक उबला अंडा
- फल के साथ ओट्स का दलिया वेस्टर्न
- पपीता, केला, संतरा या सेब
- नारियल पानी, छाछ, या उल्टी या दस्त हों तो ORS
- सामान्य तेल-मसाले के साथ रोटी या चावल, दाल, सादी सब्ज़ी और दही
- चावल या रोटी के साथ मछली करी या चिकन सूप
- एक छोटी कटोरी खिचड़ी या पोहा, या एक फल
- सब्ज़ियों का साफ़ सूप
- खिचड़ी या दही-चावल, या दाल-सब्ज़ी के साथ रोटी
- चावल के साथ चिकन सूप या मछली करी
- भूख हो तो एक गिलास दूध या एक कटोरी दही
रोज़ के लक्ष्य
- प्रोटीन
- शरीर के हर किलो वज़न पर 0.8–1 ग्राम (लगभग 48–60 ग्राम, 60 kg)
- फ़ाइबर
- कम से कम 20 ग्राम
- फ़ैट
- 60 ग्राम से कम
- सब्ज़ियाँ
- 3 या ज़्यादा कटोरी
- फल
- 2–3 सर्विंग
- पानी
- 8–12 गिलास
- तला खाना
- बिल्कुल नहीं
- मीठा खाना और पेय
- दिन में ज़्यादा से ज़्यादा 1
- नमकीन खाना
- दिन में ज़्यादा से ज़्यादा 1
- दिन में 5 या ज़्यादा छोटे खाने
ज़्यादा खाएँ
- पर्याप्त कैलोरी के साथ सामान्य, संतुलित घर का खाना
- प्रोटीन के लिए दाल, दही, पनीर, अंडा, मछली या चिकन
- फल और सब्ज़ियाँ
- भरपूर साफ़, उबला या फ़िल्टर किया पानी
- भूख कम हो तो छोटे-छोटे, बार-बार खाने
कम करें
- शराब, पूरी तरह, ठीक होने के बाद कम से कम 6 महीने तक
- हर्बल नुस्ख़े, 'लिवर टॉनिक' और डॉक्टर के बिना दवाएँ
- स्ट्रीट फ़ूड, कटे फल और असुरक्षित पानी
- जी मिचलाने के दौरान बहुत तेल वाला, तला खाना
जानने लायक
- सामान्य खाना बनाने में हल्दी, तेल या नमक छोड़ने की ज़रूरत नहीं
- सिर्फ़ उबला खाना कमज़ोरी लाता है और ठीक होने में देर करता है
- गन्ने का रस तभी ठीक है जब साफ़ हो; इसमें कोई ख़ास इलाज वाली ताक़त नहीं
- उलझन, बहुत नींद, ख़ून आना, या दो हफ़्ते बाद भी बढ़ता पीलिया हो तो तुरंत दिखाएँ
अगर साथ में यह भी है
डायबिटीज़
डायबिटीज़ की दवा या इंसुलिन लेते हैं तो भूख कम होने से शुगर गिर सकती है। छोटे, नियमित खाने लें, शुगर ज़्यादा बार जाँचें, और दवा की मात्रा के बारे में डॉक्टर से पूछें।
हाई BP या दिल की बीमारी
नमक सामान्य से कम रखें; पीलिया में नमक पूरी तरह बंद करने की ज़रूरत नहीं।
किडनी की बीमारी
प्रोटीन, पोटैशियम और पानी पर नेफ़्रोलॉजिस्ट की सीमाएँ मानें, और उल्टी हो रही हो तो पानी की कमी से सावधान रहें।
प्रेगनेंसी
प्रेगनेंसी में हेपेटाइटिस E गंभीर हो सकता है। प्रेगनेंसी में कोई भी पीलिया हो तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ।
65 से ज़्यादा उम्र
भूख कम होने पर बुज़ुर्गों में जल्दी पानी की कमी हो सकती है। पानी पीते रहें और जल्दी दिखाएँ।
आज का खाना लिखें
जो खाया है उस पर टैप करें। डायरी आपके दिन की तुलना चार्ट से करती है, कमी दिखाती है और बाक़ी दिन के लिए सुझाव देती है।
आपकी डायरी सिर्फ़ इसी फ़ोन पर रहती है। कुछ भी कहीं नहीं भेजा जाता, और 30 दिन बाद यह अपने-आप मिट जाती है।
यह ब्राउज़र डेटा सेव नहीं कर रहा (प्राइवेट मोड या स्टोरेज बंद), इसलिए पेज छोड़ते ही डायरी मिट जाएगी।
आम सवाल
क्या पीलिया में तेल और हल्दी खा सकते हैं?
हाँ। खाना बनाने की सामान्य मात्रा में तेल, हल्दी और नमक ठीक है। बिना तेल और सिर्फ़ उबला खाना कमज़ोरी लाता है।
क्या पीलिया में मांसाहार ले सकते हैं?
हाँ। खाना शुरू कर पाएँ तो घर का बना अंडा, मछली और चिकन प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। जी मिचलाने के दौरान होटल का भारी, तेल वाला खाना न लें।
पीलिया के बाद कितने समय तक शराब न पिएँ?
हेपेटाइटिस A या E से ठीक होने के बाद कम से कम 6 महीने, और हेपेटाइटिस B या C या शराब से लिवर ख़राब होने पर हमेशा के लिए।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
किसी भी पीलिया में एक-दो दिन में डॉक्टर को दिखाएँ। उलझन, बहुत नींद, ख़ून आना, ठंड लगकर तेज़ बुख़ार, या प्रेगनेंसी हो तो तुरंत जाएँ।
दूसरे डाइट चार्ट
यह बड़ों के लिए सामान्य जानकारी है, आपका निजी नुस्ख़ा नहीं। खाने की मात्राएँ घर की एक आम सर्विंग का अनुमान हैं। अगर किडनी की बीमारी है, प्रेगनेंसी है, या डॉक्टर ने कोई ख़ास डाइट बताई है, तो उसी का पालन करें।