Dr. Kshitij Lochabपेट · लिवर · एंडोस्कोपी English

डाइट चार्ट

IBS और पेट फूलने का डाइट चार्ट: लो-FODMAP भारतीय प्लान

IBS के लक्षण असली हैं, पर आँत को कोई नुकसान नहीं होता। तनाव और कम नींद की तरह खाना भी एक ट्रिगर है। तय समय पर खाना और घुलने वाला फ़ाइबर ज़्यादातर लोगों में मदद करता है। कुछ खानों में फ़र्मेंट होने वाले कार्बोहाइड्रेट (FODMAP) होते हैं जो संवेदनशील आँत में गैस और दर्द करते हैं। सलाह के साथ कुछ हफ़्तों का लो-FODMAP ट्रायल बहुत लोगों में मदद करता है; महीनों तक अपने-आप चीज़ें छोड़ते रहना नहीं।

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मुख्य लक्ष्य

  • तय समय पर, धीरे-धीरे खाना
  • ओट्स, इसबगोल और पकी सब्ज़ियों जैसा घुलने वाला फ़ाइबर, धीरे-धीरे बढ़ाएँ
  • 2 से 4 हफ़्ते डायरी से अपने ट्रिगर पहचानें
  • कम कोल्ड ड्रिंक, कम चाय-कॉफ़ी, और भारी तला खाना नहीं

एक दिन का नमूना

हर खाने के लिए एक विकल्प चुनें। मात्राएँ एक औसत बड़े व्यक्ति के लिए हैं; अपनी भूख और वज़न के हिसाब से घटाएँ-बढ़ाएँ।

शाकाहारीअंडामांसाहारीवेस्टर्न

सुबह जल्दीसुबह 6–7 बजे
  • गुनगुना पानी; चाय या कॉफ़ी सीमित
  • कुछ अखरोट या बादाम
नाश्तासुबह 8–9 बजे
  • ओट्स या रागी का दलिया, या थोड़ी चटनी के साथ इडली या सादा डोसा
  • पोहे के साथ उबले अंडे या ऑमलेट
  • ओट्स, कीवी या संतरे के साथ हंग कर्ड या लैक्टोज़-फ़्री दूध वेस्टर्न
दिन के बीचसुबह 11 बजे
  • लो-FODMAP फल की एक सर्विंग: पपीता, कीवी, संतरा, अंगूर या कड़ा केला
  • सूट करे तो छाछ
दोपहर का खानादोपहर 1–2 बजे
  • चावल या 1 से 2 रोटी, मूँग दाल या दूसरी दाल की छोटी कटोरी, लौकी, भिंडी, बीन्स या गाजर जैसी पकी सब्ज़ी, और दही
  • कम प्याज़-लहसुन में बनी चिकन या मछली करी, चावल और सब्ज़ी के साथ
शामशाम 4–5 बजे
  • मखाना, भुनी मूँगफली या थोड़े अखरोट
  • अदरक या पुदीने की चाय
रात का खानाशाम 7–8 बजे
  • खिचड़ी, दही-चावल, या पनीर और पकी सब्ज़ी के साथ रोटी
  • चावल और भुनी सब्ज़ियों के साथ ग्रिल्ड मछली या चिकन
सोने से पहलेसोने से पहले
  • अगर डॉक्टर ने कब्ज़ वाले IBS के लिए बताया है, तो पानी में इसबगोल

रोज़ के लक्ष्य

प्रोटीन
शरीर के हर किलो वज़न पर 0.8–1 ग्राम (लगभग 48–60 ग्राम, 60 kg)
फ़ाइबर
कम से कम 25 ग्राम
फ़ैट
60 ग्राम से कम
सब्ज़ियाँ
3 या ज़्यादा कटोरी
फल
1–2 सर्विंग
पानी
8–10 गिलास
तला खाना
दिन में ज़्यादा से ज़्यादा 1
मीठा खाना और पेय
दिन में ज़्यादा से ज़्यादा 1
नमकीन खाना
दिन में ज़्यादा से ज़्यादा 1

ज़्यादा खाएँ

  • खाने का तय समय
  • घुलने वाला फ़ाइबर: ओट्स, इसबगोल, पकी सब्ज़ियाँ
  • सूट करे तो दही और छाछ
  • दिन भर पर्याप्त पानी
  • धीरे खाना, अच्छी तरह चबाना

कम करें

  • अगर ट्रिगर करें तो राजमा, छोले, प्याज़ और लहसुन की बड़ी मात्रा
  • कोल्ड ड्रिंक
  • सॉर्बिटॉल वाली शुगर-फ़्री च्युइंगम और मिठाइयाँ
  • गेहूँ का चोकर बहुत ज़्यादा, जो पेट फूलना बढ़ा सकता है
  • ज़्यादा चाय-कॉफ़ी, और बहुत मसालेदार या तेल वाला खाना

जानने लायक

  • भारतीय खाने में आम हाई-FODMAP चीज़ें: प्याज़, लहसुन, राजमा, छोले, बहुत ज़्यादा गेहूँ, दूध, सेब, नाशपाती, आम, तरबूज़ और गोभी
  • लो-FODMAP डाइट 4 से 6 हफ़्ते का टेस्ट है, जिसके बाद चीज़ें एक-एक करके वापस जोड़ी जाती हैं; यह ज़िंदगी भर की डाइट नहीं
  • तनाव और कम नींद खाने जितना ही लक्षण बढ़ाते हैं
  • 45 के बाद नए लक्षण, ख़ून आना या वज़न घटना हो तो डाइट बदलने से पहले जाँच ज़रूरी है

अगर साथ में यह भी है

डायबिटीज़

ऐसे खाने चुनें जो IBS और शुगर दोनों के लिए ठीक हों: ओट्स, मोटे अनाज, अंडा, पनीर और सब्ज़ियाँ। सॉर्बिटॉल या माल्टिटॉल वाले शुगर-फ़्री सामान से पेट फूलता है और दस्त होते हैं।

हाई BP या दिल की बीमारी

नमक कम रखें; पैकेट वाले स्नैक्स, ग्लूटेन-फ़्री वाले भी, बहुत नमकीन हो सकते हैं।

किडनी की बीमारी

प्रोटीन बढ़ाने या केला, आलू और दाल जैसे पोटैशियम वाले खाने ज़्यादा लेने से पहले नेफ़्रोलॉजिस्ट से पूछें।

प्रेगनेंसी

प्रेगनेंसी में पेट फूलना और कब्ज़ आम हैं। प्रेगनेंसी में सख़्त परहेज़ वाली डाइट न करें; तय समय पर खाना, पानी, घुलने वाला फ़ाइबर और चलना-फिरना रखें।

65 से ज़्यादा उम्र

50 के बाद मल की नई परेशानी को तब तक IBS न मानें जब तक कोलोनोस्कोपी या दूसरी जाँच न हो जाए।

आज का खाना लिखें

जो खाया है उस पर टैप करें। डायरी आपके दिन की तुलना चार्ट से करती है, कमी दिखाती है और बाक़ी दिन के लिए सुझाव देती है।

आपकी डायरी सिर्फ़ इसी फ़ोन पर रहती है। कुछ भी कहीं नहीं भेजा जाता, और 30 दिन बाद यह अपने-आप मिट जाती है।

आम सवाल

भारतीय खाने में IBS के लिए क्या खाएँ?

चावल, इडली, डोसा, पोहा, ओट्स, मोटे अनाज, मूँग दाल, दही, पनीर, अंडा, मछली, चिकन, और लौकी, भिंडी, बीन्स, गाजर और पालक जैसी सब्ज़ियाँ ज़्यादातर लोगों को सूट करती हैं।

क्या IBS में दही अच्छा है?

आमतौर पर हाँ। दही में दूध से काफ़ी कम लैक्टोज़ होता है, और IBS वाले बहुत लोग इसे अच्छी तरह पचा लेते हैं।

क्या गेहूँ खाना बंद कर दूँ?

जब तक जाँच में सीलिएक न निकले, नहीं। बहुत ज़्यादा गेहूँ से कुछ लोगों का पेट फूलता है, पर ज़्यादातर लोग सामान्य मात्रा ठीक से पचा लेते हैं।

लो-FODMAP डाइट कितने समय करें?

आमतौर पर 4 से 6 हफ़्ते, फिर ट्रिगर पहचानने के लिए चीज़ें एक-एक करके वापस जोड़ी जाती हैं। यह डॉक्टर या डाइटीशियन के साथ सबसे अच्छा काम करती है।

डॉक्टर को कब दिखाएँ

अगर लक्षण 45 के बाद शुरू हों, नींद से जगाएँ, या साथ में पॉटी में ख़ून, वज़न घटना, ख़ून की कमी, बुख़ार, या परिवार में आँत के कैंसर या सीलिएक का इतिहास हो, तो डॉक्टर को दिखाएँ।

दूसरे डाइट चार्ट

यह बड़ों के लिए सामान्य जानकारी है, आपका निजी नुस्ख़ा नहीं। खाने की मात्राएँ घर की एक आम सर्विंग का अनुमान हैं। अगर किडनी की बीमारी है, प्रेगनेंसी है, या डॉक्टर ने कोई ख़ास डाइट बताई है, तो उसी का पालन करें।

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