सवाल-जवाब
हेपेटाइटिस A और E क्या हैं, और पीलिया कितने दिन रहता है?
इसे ऐसे भी खोजा जाता है: piliya kitne din me theek hota hai
छोटा जवाब
हेपेटाइटिस A और E लिवर के इंफ़ेक्शन हैं जो दूषित पानी और खाने से फैलते हैं। ये भारत में पीलिया की सबसे आम वजह हैं, ख़ासकर बरसात में। ज़्यादातर लोग आराम और सामान्य खाने से 4 से 8 हफ़्तों में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। गर्भावस्था में हेपेटाइटिस E ख़तरनाक हो सकता है, और बेहोशी जैसा लगना, ख़ून आना या बार-बार उल्टी हो तो तुरंत अस्पताल जाएँ।
लक्षण
बच्चों में अक्सर हल्के या कोई लक्षण नहीं होते। बड़ों में, ख़ासकर बुज़ुर्गों और पहले से लिवर की बीमारी वालों में, बीमारी ज़्यादा होती है।
- कुछ दिन बुखार, थकान, भूख न लगना, जी मिचलाना और उल्टी
- फिर आँखें और त्वचा पीली, गहरा पेशाब और कभी-कभी हल्के रंग का मल
- दाईं पसलियों के नीचे दर्द या भारीपन
- कुछ लोगों में खुजली
पुष्टि कैसे होती है
लिवर फ़ंक्शन टेस्ट में SGPT, SGOT और बिलीरुबिन बढ़े होते हैं। IgM anti-HAV (हेपेटाइटिस A) और IgM anti-HEV (हेपेटाइटिस E) ब्लड टेस्ट से वजह पक्की होती है। लिवर कितना काम कर रहा है, यह देखने के लिए क्लॉटिंग (INR) जाँची जाती है। अल्ट्रासाउंड से पित्त की नली के बंद होने की संभावना हटाई जाती है।
इलाज और ठीक होना
पीलिया आमतौर पर 4 से 8 हफ़्तों में उतर जाता है। लिवर की जाँच पूरी तरह सामान्य होने में कुछ महीने लग सकते हैं। बहुत कम लोगों में एक्यूट लिवर फ़ेल्योर होता है, जिसमें अस्पताल में इलाज और कभी-कभी लिवर ट्रांसप्लांट की ज़रूरत पड़ती है।
- कोई ख़ास दवा नहीं है; ज़्यादातर लोगों में लिवर अपने आप ठीक हो जाता है
- ज़रूरत भर आराम, सामान्य घर का खाना और भरपूर सुरक्षित तरल
- शराब, बिना पर्चे की दवाएँ, जड़ी-बूटियाँ और ज़्यादा दर्द-निवारक गोलियों से बचें
ख़तरे के संकेत, गर्भावस्था और बचाव
बेहोशी जैसा लगना या असामान्य नींद, ख़ून आना या नील पड़ना, इतनी उल्टी कि पानी न टिके, या दो हफ़्ते बाद भी बढ़ता पीलिया हो तो तुरंत अस्पताल जाएँ। गर्भावस्था के आख़िरी तीन महीनों में हेपेटाइटिस E गंभीर हो सकता है: पीलिया वाली हर गर्भवती महिला उसी दिन डॉक्टर को दिखाए।
- उबला या फ़िल्टर किया पानी पिएँ, और बरसात में कटे फल, गोलगप्पे और ठेले के जूस से बचें
- खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएँ
- हेपेटाइटिस A का टीका उन बच्चों और बड़ों को बचाता है जिनमें इम्युनिटी नहीं है; डॉक्टर से पूछें
- फ़ैटी लिवर, हेपेटाइटिस B या C, या सिरोसिस वाले लोग हेपेटाइटिस A के टीके के बारे में पूछें
हेपेटाइटिस A या E में खान-पान
ज़्यादा खाएँ
- पर्याप्त कैलोरी वाला सामान्य घर का खाना: दाल, चावल, रोटी, खिचड़ी, दही, फल और सब्ज़ियाँ
- भूख कम हो तो हर कुछ घंटे में थोड़ा खाना
- भरपूर उबला या फ़िल्टर किया पानी, नारियल पानी, और उल्टी हो तो ORS
कम करें
- शराब, पूरी तरह, जब तक डॉक्टर न कहें कि लिवर ठीक हो गया
- सड़क का खाना, कटे फल, गोलगप्पे और ठेले के जूस
- हर्बल 'पीलिया इलाज' और बिना पर्चे की दवाएँ
जानने लायक
- आम खाने में डलने वाली हल्दी, तेल या नमक छोड़ने, या सिर्फ़ उबला खाना खाने की ज़रूरत नहीं।
- गन्ने का रस पीलिया ठीक नहीं करता, और गंदा रस इंफ़ेक्शन फैला सकता है।
आम सवाल
क्या हेपेटाइटिस A या E दोबारा हो सकता है?
नहीं। ठीक होने के बाद आमतौर पर उस वायरस से जीवन भर सुरक्षा रहती है। दूसरा वायरस या लिवर के दूसरे इंफ़ेक्शन फिर भी हो सकते हैं।
काम या स्कूल पर कब लौट सकते हैं?
आमतौर पर जब आप ठीक महसूस करें और भूख लौट आए, अक्सर 2 से 3 हफ़्ते बाद। हाथ ध्यान से धोएँ, क्योंकि थोड़े समय तक वायरस मल से फैलता है।
क्या इसका टीका है?
हाँ, हेपेटाइटिस A का, उन बच्चों और बड़ों के लिए जिनमें इम्युनिटी नहीं है। भारत में हेपेटाइटिस E का टीका आमतौर पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए सुरक्षित पानी और खाना ही बचाव है।