पैंक्रियास
पैंक्रियाटाइटिस
अचानक (एक्यूट) होने वाले दौरे की वजह ज़्यादातर पित्त की पथरी या शराब होती है। बार-बार दौरे पड़ने से क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस हो सकता है।
आम लक्षण
- ऊपरी पेट में तेज़ दर्द जो पीठ तक जाए
- उल्टी
- लंबी बीमारी में: तैलीय मल, वज़न घटना, डायबिटीज़
वजहें और ख़तरे
- पित्त की पथरी
- शराब
- बहुत ज़्यादा ट्राइग्लिसराइड
- कुछ दवाइयाँ
- धूम्रपान, और क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस में आनुवंशिक कारण और ट्रॉपिकल पैंक्रियाटाइटिस
जाँच कैसे होती है
ब्लड में एमाइलेज़ या लाइपेज़ और अल्ट्रासाउंड से दौरे की पुष्टि होती है। CT स्कैन, MRCP या एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड से जटिलताएँ और वजह पता चलती है।
इलाज
एक्यूट दौरे में अस्पताल में इलाज ज़रूरी है। पानी की थैलियाँ, नली की पथरी और सिकुड़न अक्सर ओपन सर्जरी की जगह EUS या ERCP से ठीक हो जाती हैं।
इलाज में मदद करने वाले प्रोसीजर
डाइट गाइड: पैंक्रियाटाइटिस के बाद
ज़्यादा खाएँ
- थोड़ा-थोड़ा, बार-बार, कम चिकनाई वाला खाना
- उबला, भाप में पका या हल्का पका खाना
- कम चर्बी वाला प्रोटीन: दाल, दही, अंडे की सफ़ेदी, मछली, चिकन
- भरपूर पानी और तरल
कम करें
- तला और तैलीय खाना
- शराब, पूरी तरह
- धूम्रपान
- एक बार में बहुत ज़्यादा खाना
जानने लायक
- क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस में खाने के साथ एंज़ाइम कैप्सूल दिए जा सकते हैं
- तैलीय, बदबूदार मल का मतलब पाचन की दोबारा जाँच ज़रूरी है
- उल्टी के साथ अचानक तेज़ दर्द में इमरजेंसी इलाज चाहिए
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को कब दिखाएँ
उल्टी के साथ पेट में तेज़ दर्द में इमरजेंसी इलाज चाहिए।
आम सवाल
क्या पैंक्रियाटाइटिस दोबारा हो सकता है?
हाँ, अगर वजह बनी रहे। पथरी वाले पैंक्रियाटाइटिस के बाद पित्ताशय निकलवाने और शराब व धूम्रपान छोड़ने से ख़तरा बहुत कम हो जाता है।
क्या पैंक्रियाटाइटिस से डायबिटीज़ हो सकती है?
हाँ। क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस में बार-बार नुकसान से इंसुलिन कम बन सकता है, इसलिए ब्लड शुगर की नियमित जाँच होती है।