सवाल-जवाब
पुरानी पैंक्रियाटाइटिस (क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस) क्या है?
इसे ऐसे भी खोजा जाता है: pancreas me pathri
छोटा जवाब
पुरानी पैंक्रियाटाइटिस पैंक्रियास को लंबे समय तक होने वाला नुकसान है। इसमें बार-बार या लगातार पेट के ऊपर दर्द होता है, और समय के साथ चिकना मल, वज़न घटना और डायबिटीज़। भारत में यह अक्सर बिना शराब पिए कम उम्र के लोगों में होती है (इडियोपैथिक या ट्रॉपिकल पैंक्रियाटाइटिस), पैंक्रियास में पथरी के साथ। इलाज से दर्द काबू होता है, पाचन एंज़ाइम दिए जाते हैं और डायबिटीज़ संभाली जाती है।
वजहें
- शराब और धूम्रपान
- इडियोपैथिक या ट्रॉपिकल पैंक्रियाटाइटिस, जो भारत में आम है, अक्सर कम उम्र में शुरू होती है और कभी-कभी जीन से जुड़ी होती है
- एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के बार-बार दौरे
- खून में बहुत ज़्यादा चर्बी (ट्राइग्लिसराइड) और कुछ दूसरी कम होने वाली वजहें
लक्षण
- पेट के ऊपर दर्द जो पीठ तक जाए, अक्सर खाने के बाद
- चिकना, बदबूदार, तैरने वाला मल जो मुश्किल से बहे
- खाने के बावजूद वज़न घटना
- डायबिटीज़, जो पहला संकेत भी हो सकती है
जाँच
CT स्कैन में पैंक्रियास की पथरी और बदलाव दिखते हैं। MRCP और EUS से नली और शुरुआती बदलाव दिखते हैं। स्टूल इलास्टेज़ टेस्ट से पता चलता है कि पर्याप्त पाचन एंज़ाइम बन रहे हैं या नहीं। शुगर की नियमित जाँच होती है।
इलाज
लंबे समय से पुरानी पैंक्रियाटाइटिस वालों में पैंक्रियास के कैंसर का ख़तरा ज़्यादा होता है, इसलिए नया वज़न घटना, पीलिया या डायबिटीज़ बिगड़ना जल्दी बताएँ।
- शराब और धूम्रपान पूरी तरह छोड़ें
- चिकने मल और वज़न घटने के लिए हर खाने और नाश्ते के साथ पैंक्रियाटिक एंज़ाइम कैप्सूल
- दर्द का इलाज डॉक्टर के साथ योजना बनाकर; ख़ुद से तेज़ दर्द की दवाएँ न लें
- एंडोस्कोपी से इलाज: पथरी को शॉकवेव (ESWL) से तोड़कर और सिकुड़न में स्टेंट डालकर ERCP से साफ़ किया जा सकता है
- जिनका दर्द ठीक न हो, उनमें ऑपरेशन
- डायबिटीज़ का इलाज, अक्सर इंसुलिन से, और पोषण की नियमित जाँच
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस में खान-पान
ज़्यादा खाएँ
- थोड़ा-थोड़ा, बार-बार, प्रोटीन वाला खाना: दाल, दही, पनीर, अंडा, मछली, चिकन
- बिना फ़ैट की डाइट के बजाय एंज़ाइम कैप्सूल के साथ सामान्य मात्रा में फ़ैट
- शुगर ज़्यादा हो तो डायबिटीज़ के अनुकूल कार्बोहाइड्रेट: साबुत और मोटा अनाज
कम करें
- शराब और धूम्रपान, पूरी तरह; दोनों नुकसान और दर्द बढ़ाते हैं
- एक बार में भारी खाना
- डायबिटीज़ हो तो मीठे पेय और मिठाई
जानने लायक
- एंज़ाइम कैप्सूल हर खाने और नाश्ते के पहले कौर के साथ लें, बाद में नहीं।
- विटामिन D, कैल्शियम और हड्डियों की सेहत अक्सर कमज़ोर होती है; इनकी जाँच के बारे में डॉक्टर से पूछें।
आम सवाल
क्या क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस ठीक हो सकता है?
हुआ नुकसान वापस नहीं होता, पर दर्द, पाचन और डायबिटीज़ अच्छी तरह नियंत्रित हो सकते हैं, और कई लोग सामान्य कामकाजी जीवन जीते हैं।
क्या पूरी तरह फ़ैट छोड़ देना चाहिए?
नहीं। बहुत कम फ़ैट की डाइट से वज़न घटता है और विटामिन की कमी होती है। एंज़ाइम कैप्सूल के साथ सामान्य मात्रा में फ़ैट लें।
क्या क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस कैंसर बन जाता है?
ख़तरा औसत से ज़्यादा है पर फिर भी कम है। नियमित जाँच, और नया वज़न घटना, पीलिया या बिगड़ती डायबिटीज़ होने पर जल्दी दिखाने की सलाह दी जाती है।