सवाल-जवाब
पैंक्रियास के कैंसर के ख़तरे के संकेत क्या हैं?
छोटा जवाब
पैंक्रियास के कैंसर में अक्सर फैलने तक साफ़ लक्षण नहीं होते, इसलिए ख़तरे के संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए: बिना दर्द का पीलिया, पेट के ऊपर दर्द जो पीठ तक जाए, बिना वजह वज़न घटना और 50 साल के बाद पहली बार डायबिटीज़। CT स्कैन और सुई से बायोप्सी के साथ EUS मुख्य जाँचें हैं।
ख़तरे के संकेत
- खुजली के साथ आँखें और त्वचा पीली, अक्सर बिना दर्द (पैंक्रियास के सिर का कैंसर)
- पेट के ऊपर दर्द जो पीठ तक जाए, अक्सर रात में या सीधे लेटने पर ज़्यादा
- बिना कोशिश भूख और वज़न कम होना
- 50 साल के बाद नई डायबिटीज़, ख़ासकर वज़न घटने के साथ
- चिकना मल या नई अपच जो ठीक न हो
जोखिम
- धूम्रपान, सबसे बड़ा टाला जा सकने वाला जोखिम
- लंबे समय से पुरानी पैंक्रियाटाइटिस
- डायबिटीज़ और मोटापा
- परिवार में पैंक्रियास का कैंसर, या कुछ ख़ानदानी बीमारियाँ
- पैंक्रियास के कुछ प्रकार के सिस्ट
जाँच
पैंक्रियास का ख़ास CT स्कैन ट्यूमर दिखाता है और बताता है कि उसे निकाला जा सकता है या नहीं। EUS से नज़दीकी तस्वीर मिलती है और पेट या ड्यूओडेनम के रास्ते, बिना चीरे के, सुई से बायोप्सी ली जा सकती है। CA 19-9 ब्लड टेस्ट आगे की जाँच में मदद करता है।
इलाज
- कैंसर न फैला हो तो व्हिपल जैसे ऑपरेशन से ठीक होने की सबसे अच्छी संभावना है
- कीमोथेरेपी, ऑपरेशन से पहले या बाद में, या मुख्य इलाज के रूप में
- ERCP या EUS से डाले स्टेंट पीलिया और पेट के रास्ते की रुकावट में राहत देते हैं
- EUS-गाइडेड नस का ब्लॉक दर्द कम कर सकता है
- इलाज की योजना गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, सर्जन और ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर बनाते हैं
पैंक्रियास के कैंसर में अच्छा खाना
ज़्यादा खाएँ
- हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा, ऊर्जा से भरपूर खाना
- हर खाने में प्रोटीन, और सलाह हो तो न्यूट्रिशन ड्रिंक
- मल चिकना हो या वज़न गिर रहा हो तो खाने के साथ एंज़ाइम कैप्सूल
कम करें
- धूम्रपान और शराब
- भारी खाना जिससे पेट भरा लगे या उल्टी हो
- बिना सबूत की 'कैंसर डाइट' जो पूरे खाद्य समूह हटा देती हैं
जानने लायक
- वज़न घटने से इलाज मुश्किल होता है; इलाज की शुरुआत में ही डाइटीशियन से मदद लें।
- नई डायबिटीज़ आम है और इसकी अलग देखभाल चाहिए।
आम सवाल
क्या पैंक्रियास का कैंसर ख़ानदानी होता है?
ज़्यादातर नहीं। दो या ज़्यादा क़रीबी रिश्तेदारों को होना, या कुछ आनुवंशिक स्थितियाँ, ख़तरा बढ़ाती हैं; ऐसे परिवारों को जाँच (स्क्रीनिंग) की सलाह दी जा सकती है।
क्या EUS बायोप्सी सुरक्षित है?
हाँ। यह बिना किसी चीरे के पेट या ड्यूओडेनम के रास्ते की जाती है, और गंभीर जटिलताएँ कम होती हैं।
क्या हर पैंक्रियास कैंसर का ऑपरेशन हो सकता है?
नहीं। ऑपरेशन तब संभव है जब कैंसर फैला न हो और बड़ी ख़ून की नलियों तक न पहुँचा हो। कभी-कभी कीमोथेरेपी के बाद ऑपरेशन संभव हो जाता है।