सवाल-जवाब
पेट (आँतों) की टीबी क्या है?
इसे ऐसे भी खोजा जाता है: pet ki TB ke lakshan · aanto ki TB
छोटा जवाब
टीबी आँतों, पेट की अंदरूनी परत (जिससे पानी भरता है) और पेट की लिम्फ़ ग्रंथियों को प्रभावित कर सकती है। यह भारत में आम है। इसमें वज़न घटना, बुखार, रात में पसीना, पेट दर्द और शौच की आदत में बदलाव होता है। टीबी की दवाओं का पूरा कोर्स, जो राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम में मुफ़्त है, इसे ठीक कर सकता है, लेकिन पहले पहचान पक्की होनी चाहिए।
लक्षण
- वज़न घटना, भूख न लगना और थकान
- हल्का बुखार और रात में पसीना
- पेट दर्द, अक्सर निचले दाएँ हिस्से में
- दस्त या कब्ज़, या उल्टी और पेट फूलने के साथ रुकावट के दौरे
- पानी भरने से पेट फूलना (पेरिटोनियल टीबी)
पहचान कैसे होती है
- छोटी आँत के निचले हिस्से और बड़ी आँत से बायोप्सी के साथ कोलोनोस्कोपी, जिसमें टीबी के कीटाणु (GeneXpert समेत), कल्चर और माइक्रोस्कोप में ख़ास बदलाव देखे जाते हैं
- पेट का CT स्कैन
- पेट में पानी हो तो उसकी जाँच (ADA समेत)
- छाती का एक्स-रे, क्योंकि टीबी फेफड़ों में भी हो सकती है
टीबी या क्रोन्स बीमारी?
आँतों की टीबी और क्रोन्स बीमारी कोलोनोस्कोपी और स्कैन में बहुत मिलती-जुलती दिख सकती हैं। दोनों का इलाज बिल्कुल अलग है, और ग़लत इलाज नुकसान कर सकता है: क्रोन्स के लिए स्टेरॉयड और इम्यूनिटी की दवाएँ टीबी को बढ़ा सकती हैं। इसलिए डॉक्टर इलाज शुरू करने से पहले पहचान पक्की करने की पूरी कोशिश करते हैं, और कभी-कभी टीबी की दवा शुरू करके ध्यान से असर देखते हैं।
इलाज
ठीक महसूस होने पर भी टीबी की दवा जल्दी बंद न करें। अधूरा इलाज दवा-प्रतिरोधी टीबी बना सकता है।
- टीबी की दवाओं का पूरा कोर्स, आमतौर पर कम से कम छह महीने, हर दिन बिना नागा
- राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (नि-क्षय) में इलाज मुफ़्त है, और मरीज़ों को पोषण सहायता भी मिलती है
- असर देखने और साइड इफ़ेक्ट, ख़ासकर लिवर पर, के लिए नियमित जाँच
- ऑपरेशन सिर्फ़ ज़्यादा सिकुड़न या छेद जैसी परेशानी में
TB के इलाज के दौरान खान-पान
ज़्यादा खाएँ
- हर खाने में ऊर्जा और प्रोटीन: दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दूध, दही, अंडा, मछली या चिकन
- भूख कम हो तो थोड़ा-थोड़ा, बार-बार खाना
- आँत में सिकुड़न हो तो, सलाह के अनुसार, नरम, कम फ़ाइबर वाला खाना (खिचड़ी, दलिया, दही-चावल)
कम करें
- शराब और तंबाकू, पूरी तरह
- सिकुड़न हो तो रेशेदार चीज़ों के बड़े टुकड़े, जैसे साबुत भुट्टा, बीज और सख़्त छिलके
- जी मिचलाने की वजह से खाना छोड़ना; डॉक्टर को बताएँ
जानने लायक
- नि-क्षय पोषण योजना के तहत TB के मरीज़ों को इलाज के दौरान हर महीने पोषण सहायता मिलती है।
- इलाज के दौरान वज़न बढ़ना अच्छा संकेत है कि TB पर दवा असर कर रही है।
आम सवाल
क्या पेट की TB छूत से फैलती है?
आमतौर पर नहीं, जब तक फेफड़ों में भी TB न हो। छाती के X-ray से यह जाँचा जाता है, और खाँसी वाले परिवार के लोगों की जाँच होनी चाहिए।
क्या पेट की TB दोबारा हो सकती है?
पूरा कोर्स करने के बाद ऐसा कम होता है। ख़ुराक छोड़ने या जल्दी बंद करने से दोबारा होने और दवा-प्रतिरोधी TB का ख़तरा बढ़ता है।
क्या ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ेगी?
ज़्यादातर लोगों को नहीं। दवाओं से इंफ़ेक्शन ठीक हो जाता है। ऑपरेशन या एंडोस्कोप से नली चौड़ी करने की ज़रूरत सिर्फ़ सख़्त सिकुड़न जैसी जटिलताओं में होती है।