EUS
एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड
स्कोप के सिरे पर लगे अल्ट्रासाउंड से शरीर के अंदर से पैंक्रियास, पित्त नली और आसपास की ग्रंथियों की साफ़ तस्वीर मिलती है। इससे सुई से सैंपल और पानी की थैलियाँ भी निकाली जा सकती हैं।
यह किसके लिए किया जाता है
- पैंक्रियास की सिस्ट और गाँठ
- पित्त नली की पथरी जो स्कैन में न दिखे
- खाने की नली, पेट और पैंक्रियास की गाँठ की स्टेज जानना
- गाँठ और लिम्फ़ नोड से सुई से सैंपल (बायोप्सी)
- पैंक्रियाटाइटिस के बाद पानी की थैलियाँ निकालना
क्या उम्मीद करें
- तैयारी
- 6 से 8 घंटे कुछ न खाएँ
- समय
- लगभग 20 से 60 मिनट
- आराम
- हल्की बेहोशी में
- किसके लिए
- पैंक्रियास की सिस्ट और गाँठ, पित्त नली की दिक्कत, गाँठ की स्टेज जानना
जोखिम
EUS बहुत सुरक्षित है। सुई से सैंपल या पानी निकालने पर खून आने, इन्फ़ेक्शन या पैंक्रियाटाइटिस का थोड़ा ख़तरा होता है।
किन बीमारियों में किया जाता है
आम सवाल
EUS सामान्य एंडोस्कोपी से कैसे अलग है?
सामान्य एंडोस्कोपी अंदर की परत दिखाती है। EUS में अल्ट्रासाउंड भी होता है, जो दीवार के पार आसपास के अंगों और गाँठों को देख लेता है।
बायोप्सी की रिपोर्ट कब आती है?
आम तौर पर एक हफ़्ते में। कुछ ख़ास टेस्ट में ज़्यादा समय लगता है।