पित्त और पैंक्रियास की नली
ERCP
एक्स-रे की मदद से स्कोप पित्त और पैंक्रियास की नली के मुँह तक पहुँचता है, और बिना चीरे के पथरी निकालता है और रुकावट में स्टेंट डालता है।
यह किसके लिए किया जाता है
- पित्त नली में फँसी पथरी
- सिकुड़न या गाँठ से पित्त नली में रुकावट (स्टेंट डालना)
- ऑपरेशन के बाद पित्त का रिसाव
- पैंक्रियास की नली में पथरी और सिकुड़न
क्या उम्मीद करें
- तैयारी
- खाली पेट और पहले ब्लड टेस्ट
- समय
- लगभग 30 से 60 मिनट
- आराम
- गहरी बेहोशी या एनेस्थीसिया में
- बाद में
- अक्सर अस्पताल में थोड़ा रुकना
जोखिम
सबसे आम जटिलता पैंक्रियाटाइटिस है, जो हर सौ में से कुछ लोगों में होती है। खून आना, इन्फ़ेक्शन और फटना बहुत कम होता है। ये सब प्रोसीजर से पहले समझाए जाते हैं।
किन बीमारियों में किया जाता है
आम सवाल
क्या ERCP के बाद पित्ताशय निकलवाना होगा?
अक्सर हाँ। अगर पथरी पित्ताशय से आई थी, तो उसे निकालने से पथरी दोबारा नहीं आती।
क्या पित्त नली के स्टेंट हमेशा रहते हैं?
प्लास्टिक स्टेंट अस्थायी होते हैं और आम तौर पर कुछ महीनों में बदले या निकाले जाते हैं। मेटल स्टेंट ज़्यादा समय तक रह सकते हैं।