सवाल-जवाब
डायबिटीज़ पेट, लिवर और पैंक्रियास पर कैसे असर करती है?
छोटा जवाब
डायबिटीज़ पूरे पाचन तंत्र पर असर करती है। डायबिटीज़ वालों में फ़ैटी लिवर, और उससे होने वाले लिवर के निशान, कहीं ज़्यादा आम हैं। लंबी डायबिटीज़ पेट और आँतों को धीमा कर सकती है, जिससे पेट भरा लगना, उल्टी, क़ब्ज़ या दस्त होते हैं। 50 के बाद वज़न घटने के साथ नई डायबिटीज़ पैंक्रियास की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है।
लिवर
टाइप 2 डायबिटीज़ वाले आधे से ज़्यादा लोगों को फ़ैटी लिवर होता है, और उनमें निशान (स्कारिंग) और सिरोसिस की संभावना ज़्यादा होती है। डायबिटीज़ वाले हर व्यक्ति को लिवर टेस्ट, और निशान देखने के लिए FIB-4 स्कोर या फ़ाइब्रोस्कैन करवाना चाहिए। वज़न घटाना, शुगर नियंत्रण और डायबिटीज़ की कुछ दवाएँ लिवर की मदद करती हैं।
पेट और आँतें
अच्छा शुगर नियंत्रण, थोड़ा-थोड़ा कम फ़ैट वाला खाना और दवाओं की समीक्षा मदद करते हैं। रुकावट हटाने के लिए पहले एंडोस्कोपी की जाती है।
- गैस्ट्रोपैरेसिस (पेट का धीरे ख़ाली होना): कुछ कौर में पेट भरना, पेट फूलना, जी मिचलाना, पुराने खाने की उल्टी, और शुगर का बेतरतीब ऊपर-नीचे होना
- क़ब्ज़, या दस्त जो रात में भी हो सकते हैं
- डायबिटीज़ की कुछ दवाओं से दस्त, ख़ासकर शुरू करते समय
पैंक्रियास
डायबिटीज़ वालों में पैंक्रियाटाइटिस और पैंक्रियास के कैंसर का ख़तरा ज़्यादा है। 50 के बाद शुरू हुई डायबिटीज़, ख़ासकर वज़न घटने के साथ और परिवार में इतिहास न हो, तो जाँच करानी चाहिए। डायबिटीज़ पैंक्रियास की बीमारी, जैसे क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस, से भी हो सकती है, जिसका इलाज अलग होता है।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को कब दिखाएँ
- डायबिटीज़ के साथ बढ़े लिवर एंज़ाइम या फ़ैटी लिवर
- बार-बार उल्टी, जल्दी पेट भरना या वज़न घटना
- ठीक न होने वाले दस्त या क़ब्ज़
- वज़न घटने, पेट दर्द या चिकने मल के साथ नई डायबिटीज़
डायबिटीज़ में पेट के अनुकूल खाना
ज़्यादा खाएँ
- हर खाने में सब्ज़ियाँ, साथ में दाल या कोई प्रोटीन, और रोटी या चावल का छोटा हिस्सा
- मैदे की जगह साबुत और मोटा अनाज
- पेट धीरे ख़ाली होता हो तो थोड़ा-थोड़ा, बार-बार, कम फ़ैट वाला खाना
कम करें
- मीठे पेय, मिठाई और फलों के जूस
- भारी खाना और देर से डिनर
- शराब, जो शुगर, लिवर और पैंक्रियास पर असर करती है
जानने लायक
- गैस्ट्रोपैरेसिस में नरम या पिसा खाना और कम कच्चा फ़ाइबर पचाना आसान होता है।
- डायबिटीज़ की कुछ दवाओं के लंबे इस्तेमाल से विटामिन B12 घट सकता है; जाँच के बारे में पूछें।
आम सवाल
क्या डायबिटीज़ वाले हर व्यक्ति को लिवर की जाँच करानी चाहिए?
हाँ। टाइप 2 डायबिटीज़ वालों के लिए लिवर टेस्ट और आसान FIB-4 स्कोर, और ज़रूरत हो तो फ़ाइब्रोस्कैन, की सलाह दी जाती है।
खाने के बाद मेरी शुगर क्यों ऊपर-नीचे होती है?
पेट के धीरे ख़ाली होने से खाने के बाद शुगर देर से बढ़ सकती है, जिससे दवा की ख़ुराक मिलाना मुश्किल होता है। पेट भरा लगने या उल्टी के साथ ऐसा हो तो डॉक्टर को बताएँ।
क्या डायबिटीज़ की दवाओं से दस्त हो सकते हैं?
हाँ, कुछ से, ख़ासकर शुरुआत में। इन्हें अपने आप बंद न करें; डॉक्टर ख़ुराक या दवा बदल सकते हैं।