खाने की नली और पेट
H. pylori, गैस्ट्राइटिस और अल्सर
H. pylori पेट का एक आम इन्फ़ेक्शन है जिससे सूजन और अल्सर हो सकते हैं। आइबुप्रोफ़ेन, डाइक्लोफ़ेनाक और एस्पिरिन जैसी दर्द की गोलियाँ भी अक्सर वजह होती हैं।
आम लक्षण
- ऊपरी पेट में जलन या कुतरने जैसा दर्द
- खाने से दर्द का बदलना
- जी मिचलाना या जल्दी पेट भर जाना
- काला मल, जिसका मतलब खून आना है
वजहें और ख़तरे
- H. pylori इन्फ़ेक्शन, जो अक्सर बचपन में होता है
- आइबुप्रोफ़ेन, डाइक्लोफ़ेनाक और एस्पिरिन जैसी दर्द की गोलियाँ
- धूम्रपान और ज़्यादा शराब
- गंभीर बीमारी या बड़ा ऑपरेशन (स्ट्रेस अल्सर)
जाँच कैसे होती है
H. pylori की पुष्टि यूरिया ब्रेथ टेस्ट, मल की जाँच, या एंडोस्कोपी में ली गई बायोप्सी से होती है। ख़तरे के संकेत या अल्सर से खून आने पर एंडोस्कोपी की सलाह दी जाती है।
इलाज
साँस, मल या बायोप्सी टेस्ट से H. pylori का पता चलता है। लगभग दो हफ़्ते की दवाइयों से आम तौर पर यह ठीक हो जाता है। दर्द की गोली बंद करने से पेट ठीक होने लगता है।
इलाज में मदद करने वाले प्रोसीजर
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को कब दिखाएँ
ऊपरी पेट का दर्द जो कुछ हफ़्तों से ज़्यादा रहे। काला मल या उल्टी में खून हो तो उसी दिन दिखाएँ।
आम सवाल
क्या इलाज के बाद टेस्ट करवाना ज़रूरी है?
हाँ। एंटीबायोटिक ख़त्म होने के कम से कम 4 हफ़्ते बाद ब्रेथ या मल टेस्ट से पता चलता है कि इन्फ़ेक्शन ख़त्म हुआ या नहीं।
क्या H. pylori एक से दूसरे में फैलता है?
यह परिवार में, ज़्यादातर बचपन में, खाने, पानी और लार से फैलता है। जिन परिवार वालों को लक्षण नहीं हैं, उन्हें आम तौर पर जाँच की ज़रूरत नहीं होती।