हीमोस्टेसिस
खून रोकना
अल्सर या फटी नस से आता खून स्कोप से छोटी क्लिप, इंजेक्शन या गर्मी से रोका जाता है, आम तौर पर बिना ऑपरेशन।
यह किसके लिए किया जाता है
- पेट या ड्यूओडिनम के अल्सर से खून
- लिवर की बीमारी में वैरिसीज़ से खून
- असामान्य नसों से खून
- पॉलिप निकालने के बाद खून
क्या उम्मीद करें
- तैयारी
- ज़रूरत पर तुरंत, ड्रिप या खून चढ़ाकर हालत संभालने के बाद
- समय
- लगभग 20 से 45 मिनट
- आराम
- हल्की बेहोशी में
- बाद में
- निगरानी के लिए अस्पताल में थोड़ा रुकना
जोखिम
ज़्यादातर खून स्कोप से रुक जाता है। कभी-कभी खून दोबारा आता है और दोबारा प्रोसीजर, रेडियोलॉजी प्रोसीजर या ऑपरेशन की ज़रूरत पड़ती है।
किन बीमारियों में किया जाता है
आम सवाल
अगर उल्टी में खून आए या काला मल हो तो क्या करें?
तुरंत सबसे पास की इमरजेंसी में जाएँ, या 112 पर कॉल करें। अपने आप ठीक होने का इंतज़ार न करें।
क्या खून दोबारा आ सकता है?
कभी-कभी। वजह का इलाज, जैसे H. pylori ख़त्म करना या दर्द की गोलियाँ बंद करना, ख़तरा बहुत कम कर देता है।