आँतें
आँत के पॉलिप और आँत का कैंसर
पॉलिप बड़ी आँत में छोटी गाँठें होती हैं। कुछ कई सालों में कैंसर बन सकती हैं। आँत का कैंसर अब 50 से कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा है।
आम लक्षण
- मल में खून
- 3 हफ़्ते से ज़्यादा शौच की आदत में बदलाव
- खून की कमी, थकान या वज़न घटना
- शुरुआत में अक्सर कोई लक्षण नहीं
वजहें और ख़तरे
- 45 से ज़्यादा उम्र
- माता-पिता या भाई-बहन को आँत का कैंसर या पॉलिप
- धूम्रपान और मोटापा
- रेड और प्रोसेस्ड मीट, और कम फ़ाइबर
- लंबे समय से अल्सरेटिव कोलाइटिस या क्रोहन बीमारी
जाँच कैसे होती है
कोलोनोस्कोपी सबसे अच्छी जाँच है: इसमें पॉलिप मिलते हैं और उसी समय निकाल दिए जाते हैं। मल में छिपे खून की जाँच (FIT) भी एक विकल्प है।
इलाज
कोलोनोस्कोपी से पॉलिप मिलते हैं और उसी जाँच में निकाल दिए जाते हैं। बड़ी चपटी गाँठें अक्सर बिना ऑपरेशन एंडोस्कोपी (EMR) से निकल जाती हैं।
इलाज में मदद करने वाले प्रोसीजर
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को कब दिखाएँ
इनमें से कोई भी लक्षण, या माता-पिता या भाई-बहन को आँत का कैंसर।
आम सवाल
कोलोनोस्कोपी कब करवानी चाहिए?
लगभग 45 की उम्र से डॉक्टर से बात करें, या अगर किसी करीबी रिश्तेदार को आँत का कैंसर हुआ हो, तो उनकी उम्र से लगभग 10 साल पहले। लक्षण हों तो किसी भी उम्र में जाँच ज़रूरी है।
क्या पॉलिप निकालने में दर्द होता है?
नहीं। आँत की परत में दर्द की नसें नहीं होतीं, और प्रोसीजर हल्की बेहोशी में होता है।