सवाल-जवाब
क्या मल में खून हमेशा बवासीर होता है?
छोटा जवाब
नहीं। चमकीले लाल खून की सबसे आम वजहें बवासीर और फ़िशर हैं, लेकिन पॉलिप, आँत की सूजन और आँत के कैंसर से भी खून आ सकता है। मल द्वार से खून आए तो किसी भी उम्र में एक बार डॉक्टर से जाँच ज़रूर करवाएँ।
आम वजहें
- बवासीर: टॉयलेट पेपर या पॉट में चमकीला लाल खून, आम तौर पर बिना दर्द के
- फ़िशर: शौच के समय तेज़ दर्द के साथ खून
- पॉलिप या आँत का कैंसर: अक्सर बिना दर्द, कभी गहरा या मल में मिला खून
- कोलाइटिस या IBD: दस्त या आँव के साथ खून
इन संकेतों पर कोलोनोस्कोपी करवाएँ
- 45 से ज़्यादा उम्र में नया खून आना
- 3 हफ़्ते से ज़्यादा शौच की आदत में बदलाव
- वज़न घटना, थकान या खून की कमी
- किसी करीबी रिश्तेदार को आँत का कैंसर
- मल में मिला खून, या गहरा लाल खून
काला मल अलग बात है
काला, चिपचिपा, तारकोल जैसा मल आम तौर पर ऊपर, यानी पेट से खून आने का संकेत है। कमज़ोरी या चक्कर के साथ यह इमरजेंसी है।
जाँच क्यों ज़रूरी है
आँत का कैंसर अब कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा है। जल्दी, या पॉलिप की अवस्था में पकड़ में आए तो कोलोनोस्कोपी में ही, अक्सर बिना ऑपरेशन, निकाला जा सकता है।