सवाल-जवाब
बवासीर, फ़िशर या फ़िस्टुला: इनमें क्या फ़र्क है?
इसे ऐसे भी खोजा जाता है: bawasir ka ilaj · fissure ka ilaj · bhagandar ka ilaj
छोटा जवाब
बवासीर मल द्वार की फूली हुई नसें हैं, जिनसे अक्सर बिना दर्द के खून आता है। फ़िशर एक छोटा चीरा है, जिससे शौच के समय और बाद में तेज़ दर्द होता है। फ़िस्टुला मल द्वार के अंदर से त्वचा तक एक छोटी सुरंग है, जिससे मवाद रिसता है। तीनों आम हैं, लेकिन मल द्वार से खून आए तो दूसरी वजहें हटाने के लिए जाँच ज़रूरी है।
इनमें फ़र्क कैसे करें
- बवासीर: चमकीला लाल खून टपकना या पेपर पर लगना, आमतौर पर बिना दर्द; कभी-कभी गाँठ जो बाहर आती और अंदर चली जाती है
- फ़िशर: शौच के समय और घंटों बाद तक तेज़, कटने जैसा दर्द, अक्सर खून की लकीर के साथ; आमतौर पर सख़्त मल से जुड़ा
- फ़िस्टुला: मल द्वार के पास दर्द वाली सूजन या फोड़ा जो फूटता है, फिर त्वचा पर एक छोटे छेद से बार-बार मवाद या रिसाव
बवासीर और फ़िशर में घर पर मदद
- नरम मल: ज़्यादा फ़ाइबर (फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, ईसबगोल) और पर्याप्त पानी
- ज़ोर न लगाएँ और टॉयलेट में देर तक न बैठें, फ़ोन के साथ भी नहीं
- दिन में दो-तीन बार 10 से 15 मिनट गुनगुने पानी में बैठना (सिट्ज़ बाथ)
- इच्छा होते ही शौच जाएँ, टालें नहीं
इलाज
- बवासीर: थोड़े समय की राहत के लिए क्रीम; जो खून वाली बवासीर ठीक न हो उसके लिए रबर बैंड लाइगेशन, क्लिनिक में होने वाला जल्दी का प्रोसीजर; बड़ी बवासीर में ऑपरेशन
- फ़िशर: मल नरम करना और दवा वाले मलहम से ज़्यादातर फ़िशर कुछ हफ़्तों में भर जाते हैं; पुराने फ़िशर में आगे इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है
- फ़िस्टुला: आमतौर पर ऑपरेशन चाहिए, क्योंकि यह अपने आप कम ही भरता है
कब डॉक्टर को दिखाएँ
मल द्वार से कोई भी खून जो नया हो, बार-बार आए, या साथ में शौच की आदत बदले, वज़न घटे, खून की कमी हो या परिवार में आँत का कैंसर हुआ हो, ख़ासकर 45 साल के बाद, तो डॉक्टर को दिखाएँ। यह मानकर न चलें कि बवासीर ही है; कोलोनोस्कोपी की ज़रूरत हो सकती है। ज़्यादा खून, दर्द वाली सूजन के साथ बुखार, या चक्कर आए तो तुरंत इलाज लें।
नरम और आसान मल के लिए खान-पान
ज़्यादा खाएँ
- पपीता, अमरूद, नाशपाती और संतरे जैसे फल, और हर खाने में सब्ज़ियाँ
- साबुत अनाज: चोकर वाला आटा, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस
- पानी या दही में इसबगोल, और दिन में 8 से 10 गिलास पानी
कम करें
- मैदा, बेकरी का सामान और फ़ास्ट फ़ूड, जो मल को सख़्त करते हैं
- ज़्यादा चाय या कॉफ़ी और शराब, जो शरीर में पानी कम करती हैं
- बहुत तीखा खाना, अगर उससे फ़िशर में जलन होती है
जानने लायक
- तीखे खाने से बवासीर नहीं होती, पर इसे ठीक करने की कुंजी नरम मल है।
- गैस से बचने के लिए फ़ाइबर दो हफ़्तों में धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
आम सवाल
क्या बवासीर कैंसर बन सकती है?
नहीं। पर आँत के कैंसर से भी ख़ून आ सकता है, इसलिए नया या बार-बार ख़ून आए, ख़ासकर 45 के बाद या वज़न घटने या ख़ून की कमी के साथ, तो जाँच करानी चाहिए।
क्या फ़िशर बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है?
ज़्यादातर नए फ़िशर नरम मल, गुनगुने पानी में बैठने (सिट्ज़ बाथ) और मरहम से कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाते हैं। पुराने फ़िशर में कभी-कभी आगे इलाज की ज़रूरत पड़ती है।
क्या रबर बैंड लिगेशन में दर्द होता है?
यह क्लिनिक में बिना बेहोशी के किया जाता है। ज़्यादातर लोगों को एक-दो दिन हल्का दर्द या दबाव लगता है और वे जल्दी काम पर लौट आते हैं।