सवाल-जवाब
सीलिएक बीमारी क्या है, और इसकी पहचान कैसे होती है?
इसे ऐसे भी खोजा जाता है: gehu se allergy · celiac disease in hindi
छोटा जवाब
सीलिएक बीमारी ज़िंदगी भर रहने वाली स्थिति है जिसमें गेहूँ, जौ और राई में पाया जाने वाला प्रोटीन ग्लूटेन छोटी आँत की परत को नुकसान पहुँचाता है। यह उत्तर भारत में आम है। इससे दस्त, पेट फूलना, वज़न घटना और खून की कमी हो सकती है, या सिर्फ़ थकान या आयरन की कमी। इसकी पहचान ब्लड टेस्ट और एंडोस्कोपी से होती है, और इलाज सख़्त ग्लूटेन-फ़्री खाने से।
लक्षण
कुछ लोगों में पेट के कोई लक्षण नहीं होते, और यह सिर्फ़ जाँच में पता चलती है।
- दस्त, पेट फूलना, गैस या पेट दर्द
- वज़न घटना, या किशोरों में ठीक से न बढ़ना
- आयरन की कमी से खून की कमी जो आयरन की गोलियों से ठीक न हो
- थकान, मुँह के छाले, कमज़ोर हड्डियाँ, या बढ़े लिवर एंज़ाइम
पहचान कैसे होती है
पहला क़दम ब्लड टेस्ट (tTG-IgA एंटीबॉडी) है। अगर यह पॉज़िटिव हो, तो ड्यूओडेनम से छोटी बायोप्सी के साथ अपर एंडोस्कोपी से पुष्टि होती है।
ज़रूरी: सारी जाँच होने तक गेहूँ खाते रहें। जाँच से पहले ग्लूटेन छोड़ने से नतीजे ग़लत तरीके से सामान्य आ सकते हैं।
इलाज: ग्लूटेन-फ़्री खाना
सख़्त परहेज़ से आँत आमतौर पर कुछ महीनों में ठीक हो जाती है। शुरुआती महीनों में डाइटीशियन से बहुत मदद मिलती है।
- गेहूँ (आटा, मैदा, सूजी, दलिया), जौ और राई, और इनसे बनी चीज़ें जैसे रोटी, ब्रेड, बिस्कुट, नूडल्स और कई पैकेट वाले स्नैक्स न खाएँ
- सुरक्षित: चावल, मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी), मक्का, बेसन और दूसरी दालें, आलू, दूध और दही, अंडा, मीट, मछली, फल और सब्ज़ियाँ
- ओट्स तभी सुरक्षित हैं जब उन पर ग्लूटेन-फ़्री लिखा हो
- लेबल पढ़ें, और घर व रेस्टोरेंट में एक ही आटे और तलने के तेल से सावधान रहें
आगे की जाँच
एंटीबॉडी घट रही है और खून की कमी ठीक हो रही है, यह देखने के लिए ब्लड टेस्ट दोबारा होते हैं। परिवार के सदस्यों, ख़ासकर भाई-बहन और बच्चों की जाँच होनी चाहिए, क्योंकि सीलिएक बीमारी परिवारों में चलती है।
भारतीय रसोई में छिपा ग्लूटेन
ज़्यादा खाएँ
- चावल, पोहा, मोटा अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी), मक्का, बेसन और सभी दालें
- दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, मीट, फल और सब्ज़ियाँ
- अलग और साफ़ चक्की पर पिसवाया अपना आटा
कम करें
- गेहूँ के आटे में मिली हींग; ग्लूटेन-फ़्री हींग ख़रीदें
- सूजी, दलिया, सेवइयाँ, बिस्किट, और ग्रेवी गाढ़ी करने में डाला गेहूँ
- सोया सॉस, माल्ट ड्रिंक, बीयर और कई पैकेट वाली नमकीन
जानने लायक
- थोड़ा सा ग्लूटेन भी आँत को नुकसान पहुँचाता रहता है, चाहे लक्षण न हों।
- गेहूँ की जगह चावल और मोटा अनाज खाने पर भी आयरन, कैल्शियम और फ़ाइबर दूसरी चीज़ों से चाहिए; डाइटीशियन मदद करते हैं।
आम सवाल
क्या कभी-कभार गेहूँ खा सकते हैं?
नहीं। कभी-कभार का ग्लूटेन भी आँत को नुकसान पहुँचाता है और लंबे समय में जटिलताओं का ख़तरा बढ़ाता है, चाहे आपको कुछ महसूस न हो।
क्या सीलिएक बीमारी जीवन भर रहती है?
हाँ। सख़्त ग्लूटेन-फ़्री डाइट से आँत ठीक हो जाती है, पर ग्लूटेन के प्रति संवेदनशीलता ख़त्म नहीं होती।
क्या सबको ग्लूटेन-फ़्री डाइट लेनी चाहिए?
नहीं। यह सिर्फ़ सीलिएक बीमारी या कुछ दूसरी स्थितियों में मदद करती है। जाँच से पहले इसे शुरू करने से सीलिएक बीमारी छिप सकती है और पहचान मुश्किल हो जाती है।