सवाल-जवाब
लिवर टेस्ट में SGPT या SGOT बढ़ा हो: इसका क्या मतलब है?
इसे ऐसे भी खोजा जाता है: SGPT badha hua · SGOT SGPT high ka matlab
छोटा जवाब
SGPT (ALT) और SGOT (AST) लिवर के एंज़ाइम हैं। इनका बढ़ना बताता है कि लिवर की कोशिकाओं में जलन या चोट है। भारत में सबसे आम वजह फैटी लिवर है; शराब, वायरल हेपेटाइटिस और कुछ दवाएँ या जड़ी-बूटियाँ भी आम वजहें हैं। हल्की बढ़त आमतौर पर इमरजेंसी नहीं होती, लेकिन इसकी वजह जाननी ज़रूरी है, नज़रअंदाज़ न करें।
नंबरों का मतलब
लिवर की कोशिकाओं में जलन होने पर SGPT और SGOT खून में आ जाते हैं। हल्की बढ़त, ऊपरी सीमा के लगभग दो-तीन गुना तक, आम है और अक्सर फैटी लिवर जैसी लंबी चलने वाली समस्या से होती है। बहुत ज़्यादा स्तर, सैकड़ों या हज़ारों में, अचानक चोट जैसे एक्यूट वायरल हेपेटाइटिस, दवा का रिएक्शन या पित्त की नली बंद होने का संकेत है, और इसमें जल्दी ध्यान चाहिए।
रिपोर्ट के दूसरे हिस्से भी ज़रूरी हैं: बिलीरुबिन (पीलिया), एल्ब्यूमिन और INR (लिवर कितना काम कर रहा है), और एल्कलाइन फ़ॉस्फ़ेटेज़ और GGT (पित्त की नलियाँ)।
आम वजहें
ज़्यादा कसरत या मांसपेशी की चोट से भी कुछ दिनों के लिए SGOT बढ़ सकता है, बिना लिवर की किसी समस्या के।
- फैटी लिवर, जो वज़न, पेट की चर्बी, डायबिटीज़ और कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा है
- शराब
- हेपेटाइटिस B या C, या हाल में हुआ हेपेटाइटिस A या E
- दवाएँ, जैसे TB की कुछ दवाएँ, ज़्यादा मात्रा में दर्द की दवा, और जड़ी-बूटी या बॉडी-बिल्डिंग सप्लीमेंट
- कम आम: थायरॉइड की समस्या, सीलिएक बीमारी, ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस और ख़ानदानी बीमारियाँ
आगे आमतौर पर क्या होता है
डॉक्टर टेस्ट दोबारा करवा सकते हैं, और हेपेटाइटिस B और C, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और थायरॉइड की जाँच, साथ में पेट का अल्ट्रासाउंड करवा सकते हैं। फैटी लिवर मिले तो FibroScan से लिवर में निशान (फ़ाइब्रोसिस) की जाँच होती है। वजह साफ़ न हो या एंज़ाइम बढ़े रहें तो और जाँचें की जाती हैं।
आप क्या कर सकते हैं
- वजह पता चलने तक शराब बंद रखें
- कोई नई जड़ी-बूटी या 'लिवर टॉनिक' शुरू न करें
- अपनी हर दवा और सप्लीमेंट के बारे में डॉक्टर को बताएँ
- वज़न ज़्यादा हो तो 7 से 10% वज़न घटाने से अक्सर एंज़ाइम सामान्य हो जाते हैं
कब जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ
एंज़ाइम बढ़ने के साथ आँखें पीली हों, पेशाब गहरा हो, उल्टी, बेहोशी जैसा लगना, ज़्यादा नींद या खून आए तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ। इमरजेंसी में 112 पर कॉल करें।
स्वस्थ लिवर के लिए खान-पान
ज़्यादा खाएँ
- हर खाने में सब्ज़ियाँ, सलाद और फल, और प्रोटीन के लिए दाल, अंकुरित अनाज या चना
- मैदे की जगह साबुत अनाज और मोटा अनाज (चोकर वाला आटा, बाजरा, ज्वार, रागी)
- अगर पहले से पसंद है तो बिना ज़्यादा चीनी की सादी कॉफ़ी सुरक्षित लगती है और लिवर के लिए फ़ायदेमंद हो सकती है
कम करें
- शराब, जब तक वजह पता न चले, और अच्छा हो कि हमेशा के लिए
- चीनी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक और पैकेट वाले जूस
- तली चीज़ें, बेकरी का सामान और बार-बार गरम किया तेल
जानने लायक
- 'लिवर डिटॉक्स' या टॉनिक से एंज़ाइम कम नहीं होते, और कुछ हर्बल चीज़ें इन्हें बढ़ा देती हैं।
- फ़ैटी लिवर में धीरे-धीरे 7 से 10% वज़न कम करना सबसे असरदार इलाज है।
आम सवाल
क्या थोड़ा बढ़ा SGPT ख़तरनाक है?
आमतौर पर इमरजेंसी नहीं, पर यह एक संकेत है। हल्की बढ़त का सबसे आम कारण फ़ैटी लिवर है। वजह पता करनी चाहिए और जाँच दोहरानी चाहिए, क्योंकि लिवर में चुपचाप सालों तक निशान बन सकते हैं।
SGPT कितनी जल्दी कम होता है?
वज़न घटाने, शराब छोड़ने और वजह का इलाज करने से अक्सर 3 से 6 महीने में एंज़ाइम सुधर जाते हैं। वायरल हेपेटाइटिस के बाद ये आमतौर पर कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाते हैं।
क्या कसरत या जिम सप्लीमेंट से SGOT बढ़ सकता है?
हाँ। भारी कसरत से कुछ दिनों के लिए मांसपेशियों से SGOT बढ़ सकता है, और कुछ बॉडी-बिल्डिंग सप्लीमेंट लिवर को नुकसान पहुँचा सकते हैं। जाँच से पहले डॉक्टर को कसरत और सप्लीमेंट के बारे में बताएँ।