Dr. Kshitij Lochabपेट · लिवर · एंडोस्कोपी English

सवाल-जवाब

ACLF (एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक लिवर फ़ेल्योर) क्या है?

छोटा जवाब

ACLF, यानी एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक लिवर फ़ेल्योर, में पहले से लिवर की पुरानी बीमारी वाले व्यक्ति का लिवर अचानक और बहुत तेज़ी से बिगड़ जाता है। इसकी वजह अक्सर शराब, हेपेटाइटिस का भड़कना, इंफ़ेक्शन या खून बहना होती है। इससे किडनी और दिमाग जैसे दूसरे अंग भी फ़ेल हो सकते हैं, और तुरंत अस्पताल में इलाज चाहिए, अक्सर ICU में।

इसका मतलब क्या है

ACLF में लंबे समय से लिवर की बीमारी वाले व्यक्ति, जैसे फैटी लिवर, शराब से लिवर की बीमारी या हेपेटाइटिस B या C, सिरोसिस के साथ या बिना, के लिवर को नई चोट लगती है। कुछ दिनों से हफ़्तों में पीलिया गहरा होता है और खून जमना बिगड़ता है। पेट में पानी भर सकता है, दिमाग पर असर हो सकता है (हेपेटिक एन्सेफ़ेलोपैथी) और किडनी फ़ेल हो सकती है।

एशियाई और यूरोपीय लिवर सोसाइटी ACLF को थोड़ा अलग तरह से परिभाषित करती हैं, लेकिन दोनों इसे अचानक, गंभीर बिगड़ना मानती हैं जिसमें जान का बड़ा ख़तरा होता है और जल्दी विशेषज्ञ इलाज चाहिए।

आम वजहें

कभी-कभी कोई साफ़ वजह नहीं मिलती।

  • ज़्यादा शराब पीना और अल्कोहलिक हेपेटाइटिस
  • हेपेटाइटिस B का भड़कना, ख़ासकर हेपेटाइटिस B की दवा बंद करने के बाद या कीमोथेरेपी के दौरान
  • पहले से लिवर की बीमारी पर हेपेटाइटिस A या E का इंफ़ेक्शन
  • बैक्टीरियल इंफ़ेक्शन, जैसे पेट के पानी, पेशाब या फेफड़ों में
  • वैरिसेज़ से खून बहना
  • कुछ दवाएँ और बिना जाँच वाली जड़ी-बूटियाँ

ख़तरे के संकेत

ये इमरजेंसी हैं। सबसे पास के अस्पताल की इमरजेंसी में जाएँ या 112 पर कॉल करें।

  • पीलिया का तेज़ी से गहरा होना
  • बेहोशी जैसा लगना, ज़्यादा नींद या व्यवहार में बदलाव
  • बुखार, या पेट का लगातार फूलना
  • पेशाब बहुत कम होना
  • उल्टी में खून या काला मल

इलाज

  • अस्पताल में इलाज, अक्सर ICU में
  • वजह ढूँढकर उसका इलाज: हेपेटाइटिस B के लिए एंटीवायरल दवाएँ, इंफ़ेक्शन के लिए एंटीबायोटिक, खून बहना रोकना, शराब बंद करना, और अल्कोहलिक हेपेटाइटिस के कुछ मामलों में स्टेरॉयड
  • फ़ेल हो रहे अंगों को सहारा: ड्रिप, एल्ब्यूमिन, किडनी का सहारा और ज़रूरत पड़ने पर साँस का सहारा
  • सावधानी से पोषण
  • सही मरीज़ों में जल्दी लिवर ट्रांसप्लांट की जाँच, जो जान बचा सकता है

आगे क्या होता है और बचाव

ACLF गंभीर है, और आगे क्या होगा यह इस पर निर्भर है कि कितने अंगों पर असर है और वजह कितनी जल्दी काबू में आती है। जल्दी इलाज शुरू हो तो कुछ लोग अच्छी तरह ठीक होकर पहले जैसी हालत में लौट आते हैं।

  • लिवर की बीमारी हो तो शराब पूरी तरह छोड़ दें
  • हेपेटाइटिस B की दवा नियमित लें और डॉक्टर की सलाह के बिना कभी बंद न करें
  • अगर इम्यूनिटी नहीं है तो हेपेटाइटिस A और B का टीका लगवाएँ
  • बिना पर्चे वाली जड़ी-बूटियों और 'डिटॉक्स' चीज़ों से बचें
  • सिरोसिस हो तो नियमित जाँच करवाएँ, और बुखार या नए लक्षण पर जल्दी मदद लें

ACLF के दौरान और बाद में खान-पान

ज़्यादा खाएँ

  • हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा खाना और देर शाम एक हल्का नाश्ता, ताकि रात में शरीर मांसपेशियाँ न गलाए
  • दाल, दही, पनीर, अंडा, मछली या चिकन से भरपूर प्रोटीन
  • ताज़ा पका गरम खाना और उबला या फ़िल्टर किया पानी

कम करें

  • शराब, पूरी तरह
  • पेट में पानी या पैरों में सूजन हो तो नमक: ऊपर से नमक, अचार, पापड़ या नमकीन नहीं
  • कच्चे या अधपके अंडे और मीट, कटे फल और सड़क का खाना, जिनसे इंफ़ेक्शन हो सकता है

जानने लायक

  • अस्पताल में अगर मरीज़ पूरा न खा पाए तो नली से खाना देना आम बात है।
  • पानी तभी कम किया जाता है जब ख़ून में सोडियम कम हो और डॉक्टर कहें।

आम सवाल

क्या ACLF और सिरोसिस एक ही हैं?

नहीं। सिरोसिस लिवर का लंबे समय का निशान (स्कारिंग) है। ACLF पहले से मौजूद लिवर की बीमारी पर अचानक आई गंभीर बिगड़न है, जिसमें अक्सर किडनी या दिमाग़ जैसे दूसरे अंग भी फ़ेल होने लगते हैं।

क्या ACLF से मरीज़ ठीक हो सकता है?

कुछ लोग ठीक होते हैं, ख़ासकर जब वजह जल्दी पकड़ी और इलाज हो जाए और कम अंग प्रभावित हों। कुछ को लिवर ट्रांसप्लांट की ज़रूरत होती है, इसलिए ट्रांसप्लांट सेंटर पर जल्दी जाँच ज़रूरी है।

लिवर की बीमारी वाले व्यक्ति में ACLF से कैसे बचें?

शराब छोड़ें, हेपेटाइटिस B की दवा अपने आप बंद न करें, हेपेटाइटिस A और B का टीका लगवाएँ, बिना डॉक्टर की सलाह के हर्बल चीज़ें न लें, और बुखार, पीलिया या बेहोशी जैसा लगे तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।

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